
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए ‘हाइड्रोजन बम’ वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले ‘एटम बम’ फोड़कर क्या किया, एक चींटी भी मरी? अब ‘हाइड्रोजन बम’ का भी वही हाल होगा। मांझी ने इसे कोई वास्तविक मुद्दा मानने से इनकार कर दिया।
पटना में पत्रकारों से बात करते हुए, मांझी ने मतदाता सूची में सुधार (एसआईआर) को लेकर भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें मृत लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और जिनका नाम नहीं था, उन्हें जोड़ा जा रहा है। मांझी ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार, जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए, उनके नाम हटाए जा रहे हैं।
‘कुत्सित चालें बिहार की राजनीति को प्रभावित नहीं कर पाएंगी’
केंद्रीय मंत्री ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो बिहार के बाहर से आकर यहाँ की राजनीति को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग यहां के वोटर नहीं हैं, उन्हें वोटर बनाकर पॉपुलर बनते हैं, यह उनकी कुत्सित चाल है।” मांझी ने चेतावनी दी कि 2025 के विधानसभा चुनावों में ऐसे लोगों को उनकी सही जगह पता चल जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बिहार का नहीं, बल्कि पूरे देश का मामला है।
‘नीतीश सरकार ने भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया’
मांझी ने बिहार में भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया कि भ्रष्टाचारी अधिकारी कहीं भी हों, भ्रष्टाचारी ही रहेंगे। लेकिन, उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश सरकार ने भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया है, यही कारण है कि भ्रष्टाचारी अधिकारी लगातार पकड़े जा रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब जीतन राम मांझी ने विपक्षी दलों, विशेषकर राजद पर, जुबानी हमले किए हों। कुछ दिनों पहले भी उन्होंने तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया था।
तेजस्वी पर हमला: ‘जंगलराज की सोच’
मांझी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह खुद को बहुत बड़ा समझ रहे हैं, लेकिन आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें सही जगह दिखाएगी। उन्होंने राजद के शासनकाल को ‘जंगलराज’ बताते हुए कहा, “2005 से पहले उनके पिता लालू प्रसाद यादव के शासन में बिहार में जंगलराज था।”
उन्होंने नीतीश कुमार सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि लड़कियों को साइकिल और पोशाक देने, और होमगार्ड को वेतन और 13 महीने का भुगतान करने जैसे विकास कार्य नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही संभव हुए। उन्होंने तेजस्वी यादव पर झूठ बोलकर श्रेय लेने का आरोप भी लगाया।
मांझी के ये बयान विपक्ष पर एक सीधा हमला हैं और यह दर्शाते हैं कि आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और भी तेज होगा।

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