
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने पार्टी नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि टिकट पाने के लिए ‘चक्कर काटने’ की पुरानी रणनीति अब काम नहीं आएगी। उन्होंने पार्टी के भीतर अनुशासन और बूथ स्तर पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही कमजोर प्रदर्शन वाले विधायकों को कड़ी चेतावनी भी दी।
प्रदर्शन का मूल्यांकन, व्यक्तिगत दावों पर रोक
बुधवार को अपने सरकारी आवास पर हुई इस दो घंटे की बैठक में, तेजस्वी यादव ने सभी सांसदों, विधायकों, पराजित प्रत्याशियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि टिकट केवल उन्हीं को मिलेगा जो अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “टिकट के लिए सर्वे कराया गया है और उसी आधार पर उम्मीदवार तय होंगे। पटना का चक्कर काटने से टिकट नहीं मिलेगा।” यह बयान उन नेताओं के लिए एक झटका है जो सिर्फ अपने व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर टिकट की उम्मीद कर रहे थे।
तेजस्वी ने पार्टी नेताओं को खुद को प्रत्याशी घोषित करने से बचने की हिदायत भी दी। यह कदम पार्टी के भीतर गुटबाजी को रोकने और एक मजबूत, संगठित इकाई के रूप में चुनाव लड़ने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता ऐसा करेंगे, उनकी दावेदारी कमजोर हो सकती है।

60 दिन बनाम सरकार: तेजस्वी का बड़ा वादा
बैठक में तेजस्वी ने पार्टी नेताओं से 60 दिनों का समय मांगा और बदले में सरकार बनाकर देने का बड़ा वादा किया। यह बयान न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि तेजस्वी इस बार चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं से बूथ स्तर पर मजबूत तैयारी करने को कहा और सभी से फीडबैक लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की राजनीति में सभी को साथ लेकर चलना है। अगर किसी नेता को टिकट नहीं मिला तो उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पार्टी उनका भी ख्याल रखेगी और भविष्य में उन्हें समायोजित (adjust) करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जो पदाधिकारी सही तरीके से काम नहीं करेंगे, उनकी छुट्टी भी होगी। यह कड़ा रुख पार्टी में जवाबदेही और समर्पण सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

भाजपा पर निशाना और नीतीश कुमार पर कटाक्ष
तेजस्वी ने बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सीधा हमला बोला और कहा कि हमें हर मोड़ पर भाजपा को जवाब देना है। उन्होंने यह भी कहा कि अब बिहार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) या नीतीश कुमार कोई एजेंडा नहीं हैं। उन्होंने नीतीश कुमार का सम्मान करने की बात कही, लेकिन साथ ही उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे अब “दया के पात्र” हैं। यह बयान नीतीश कुमार को कमजोर दिखाने और RJD को बिहार में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश है।
कुल मिलाकर, तेजस्वी यादव ने इस बैठक के माध्यम से पार्टी में एक नया जोश और अनुशासन भरने का प्रयास किया है। उनका यह कदम यह संकेत देता है कि RJD इस बार के चुनाव में पूरी रणनीति और ताकत के साथ उतरने के लिए तैयार है।

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