
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार के आरा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस गठबंधन पर अभूतपूर्व हमला बोला। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राजद ने कांग्रेस को मजबूर करके मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय करवाया, जिसे उन्होंने “मुख्यमंत्री पद की चोरी” बताया।

कनपटी पर कट्टा रखकर ‘चोरी’
प्रधानमंत्री मोदी ने राजद और कांग्रेस के बीच चल रहे अंदरूनी घमासान को उजागर करते हुए कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए राजद के नेता का नाम तय हो। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री पद चोरी किया है।”
उन्होंने इस घटना का विवरण देते हुए कहा कि नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले बिहार में “बंद कमरे में गुंडागर्दी का खेल खेला गया था।” पीएम मोदी ने दावा किया, “कट्टा रखकर कांग्रेस से राजद नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार और उसको समर्थन की घोषणा कराई गई।” यह बयान बिहार चुनाव में महागठबंधन की आंतरिक कलह को लेकर एक बड़ा राजनीतिक भूचाल पैदा कर सकता है।
चुनाव से पहले ही भयंकर झगड़ा
पीएम मोदी ने दावा किया कि राजद और कांग्रेस में झगड़ा भयंकर रूप से बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के न तो घोषणा-पत्र में कांग्रेस की बात सुनी गई और न ही प्रचार में उनकी कोई पूछ हो रही है। प्रधानमंत्री ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि “चुनाव से पहले ही इतनी घृणा बढ़ गई है कि चुनाव के बाद एक-दूसरे का सिर फोड़ने लगेंगे।” उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि “ऐसे लोग बिहार का भला कभी नहीं कर सकते हैं।”
‘जंगलराज’ का नया रूप
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर राजद के शासनकाल को ‘जंगलराज’ बताते हुए उस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ एनडीए का “सुशासन” है और दूसरी तरफ ‘जंगलराज’ का “कुशासन” है, जो बिहार को धीरे-धीरे खोखला कर चुका था।
पीएम मोदी ने राजद के जंगलराज की पहचान बताते हुए छह ‘क’ शब्दों का उल्लेख किया: “कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन।” यह जुमला चुनाव प्रचार में जंगलराज के खिलाफ एनडीए की प्रमुख रणनीति का हिस्सा है।
तुष्टिकरण और सिख नरसंहार
प्रधानमंत्री ने राजद पर जंगलराज लाने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसकी पहचान को 1984 के सिख नरसंहार से जोड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि 1-2 नवंबर 1984 को कांग्रेस के लोगों ने सिख नरसंहार किया था और “आज की कांग्रेस, सिख नरसंहार के गुनहगारों को पूरे सम्मान के साथ आगे बढ़ा रही है।”
उन्होंने दोनों दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस हो या राजद, उन्हें अपने “पाप का कोई पछतावा नहीं है।” प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राजद और कांग्रेस बिहार की पहचान खत्म करने में जुटी हैं और ये लोग “बिहार में घुसपैठियों के समर्थन में यात्राएं कर रहे हैं” तथा उन्हें बचाने के लिए “तन-मन से जुटे हैं।” प्रधानमंत्री ने अपनी इस रैली के जरिए बिहार की जनता से इन दलों को सत्ता से दूर रखने की अपील की।

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