
छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सोमवार को राजधानी में आयोजित होने वाली अहम बैठक को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि इस सत्र का मुख्य उद्देश्य पार्टी के नवनियुक्त पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को प्रशिक्षित करना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पार्टी आगामी चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार करेगी।
संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि संगठन की सक्रियता बनाए रखना भाजपा की कार्यसंस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए राज्य इकाई की यह बैठक बुलाई गई है। इसमें न केवल जिला अध्यक्ष बल्कि अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन के काम को आगे बढ़ाना और कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा व कार्यप्रणाली के प्रति अपडेट करना है।

छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा
अरुण साव ने छत्तीसगढ़ में भाजपा के मजबूत आधार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ के कार्यकर्ताओं के पास संगठन में काम करने का लंबा और गहरा अनुभव है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी छत्तीसगढ़ के भाजपा कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। उनके अनुसार, यह संगठन स्तर पर किए जाने वाले निरंतर कार्यों और नियमित प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि आज प्रदेश का हर कार्यकर्ता नेतृत्व करने में सक्षम है।
नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ते कदम
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सलवाद के मुद्दे पर डिप्टी सीएम ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब छत्तीसगढ़ में अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। साव के अनुसार, यह विचारधारा लंबे समय से राज्य के विकास में सबसे बड़ी रुकावट रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश और विशेषकर बस्तर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश का नक्सल मुक्त होना अनिवार्य है। इस दिशा में सरकार पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रही है और इसके सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं।
मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर
उपमुख्यमंत्री ने नक्सलवाद, आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ ठोस और कड़े एक्शन लिए गए हैं। सरकार की नीति स्पष्ट है कि देश की आंतरिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ देशभर में चलाए जा रहे बड़े कैंपेन का असर भी छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है।
बस्तर का विकास: मूलभूत सुविधाओं पर फोकस
बस्तर की चर्चा करते हुए अरुण साव ने कहा कि अब केवल कुछ ही गिने-चुने क्षेत्र बचे हैं, जहाँ नक्सलवाद का थोड़ा बहुत वजूद बचा है। सरकार की योजना इन क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार एक ठोस कार्ययोजना बनाकर काम कर रही है ताकि बस्तर की मुख्यधारा में यहाँ के निवासियों को शामिल किया जा सके।
कुल मिलाकर, उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बयानों से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ सरकार एक ओर जहाँ संगठन को सशक्त कर आगामी राजनैतिक मैदान तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर नक्सलवाद पर प्रहार कर प्रदेश में शांति और विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी में है। जिलाध्यक्षों का यह प्रशिक्षण आगामी चुनावों और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में एक सेतु का कार्य करेगा।

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