
देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और उद्यमी बनाने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन ने एक बड़ा संकल्प लिया है। मुंबई में आयोजित ‘स्वाभिमान – द राइज ऑफ शी’ कार्यक्रम के दौरान अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति अदाणी ने ‘स्वाभिमान’ पहल के राष्ट्रव्यापी विस्तार की घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों के भीतर पूरे भारत में 10 लाख महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
स्वाभिमान: आत्मनिर्भरता का एक नया विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रीति अदाणी ने कहा कि ‘स्वाभिमान’ केवल एक सरकारी या कॉर्पोरेट कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक विचार है। यह उन महिलाओं के साहस और मेहनत का उत्सव है जिन्होंने अभावों के बावजूद अपने जीवन की नई पटकथा लिखी है। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें बाजार से जोड़कर एक सफल उद्यमी बनाना है।
4,500 से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
प्रीति अदाणी ने जानकारी दी कि पिछले 3-4 वर्षों में इस पहल ने जमीन पर बड़े बदलाव दिखाए हैं। अब तक 4,500 से अधिक महिलाएं इस कार्यक्रम से जुड़ चुकी हैं। इनमें से कई महिलाएं आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। ये महिलाएं न केवल खुद आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुई हैं, बल्कि अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को भी बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं।

महाराष्ट्र से शुरू होगा 10 लाख का सफर
विस्तार योजना का खाका खींचते हुए उन्होंने बताया कि अगले चरण में सबसे पहले महाराष्ट्र की एक लाख महिलाओं को ‘स्वाभिमान’ पहल से जोड़ा जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे देश में फैलाया जाएगा, जिससे 10 लाख महिलाओं के जीवन में बदलाव आएगा। फाउंडेशन इन महिलाओं को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन और उत्पादों की मार्केटिंग में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
सावित्रीबाई फुले के संघर्ष को किया याद
अपने संबोधन में प्रीति अदाणी ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह सावित्रीबाई ने तमाम बाधाओं के बावजूद शिक्षा की अलख जगाई, आज की महिलाएं भी उसी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आजादी के समय महिला साक्षरता दर मात्र 8% थी, जो आज बढ़कर 75% से अधिक हो गई है।

सरकार और फाउंडेशन का साझा प्रयास
बीएमसी मेयर रितु तावडे ने बताया कि अदाणी फाउंडेशन, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और महिला आर्थिक विकास महामंडल (MAVIM) साल 2022-23 से मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति सुनील तटकरे ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र की ‘लखपति दीदी’ योजना और राज्य सरकार के प्रयासों के साथ मिलकर ‘स्वाभिमान’ जैसी पहल महिलाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी।
हुनर का प्रदर्शन: महिला उद्यमियों के स्टॉल्स
कार्यक्रम स्थल पर ‘स्वाभिमान’ से जुड़ी महिला उद्यमियों ने विशेष स्टॉल लगाए थे। यहां हस्तनिर्मित कलाकृतियों से लेकर खाद्य उत्पादों तक की प्रदर्शनी लगाई गई। यह इस बात का जीवंत प्रमाण था कि यदि महिलाओं को सही मंच और प्रशिक्षण मिले, तो वे घरेलू दायरे से निकलकर वैश्विक बाजार तक अपनी पहुंच बना सकती हैं।

गांव से लेकर देश की राजनीतिक खबरों को हम अलग तरीके से पेश करते हैं। इसमें छोटी बड़ी जानकारी के साथ साथ नेतागिरि के कई स्तर कवर करने की कोशिश की जा रही है। प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक की राजनीतिक खबरें पेश करने की एक अलग तरह की कोशिश है।



