
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की बहुप्रतीक्षित तारीखों की घोषणा कर दी है। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 23 अप्रैल 2026 को मतदान संपन्न होगा। इस बार का चुनाव न केवल राजनीतिक दृष्टि से बल्कि समावेशी लोकतंत्र की दृष्टि से भी ऐतिहासिक होने जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
मतदाता आंकड़ों में समावेशिता की झलक
चुनाव आयोग द्वारा जारी नवीनतम मतदाता सूची के अनुसार, तमिलनाडु में कुल 5.67 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इस बार के आंकड़ों में सबसे सुखद पहलू थर्ड जेंडर (तीसरा लिंग) समुदाय की बढ़ती सक्रियता है। राज्य में कुल 7,617 थर्ड जेंडर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके अलावा, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लगभग 4.63 लाख दिव्यांगजन और 85 वर्ष से अधिक आयु के 3.99 लाख वरिष्ठ नागरिक भी वोट डालेंगे।
युवा शक्ति का दिखेगा असर
तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य का फैसला करने में इस बार युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। आंकड़ों के मुताबिक, 18 से 19 वर्ष की आयु के 12.51 लाख पहली बार मतदान करने वाले (First-time voters) मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस वर्ष चुनाव वाले चारों राज्यों में तमिलनाडु में युवा मतदाताओं की यह संख्या सबसे अधिक है, जो राज्य की राजनीति में बदलाव की लहर का संकेत दे सकती है।

आरक्षण और मतदान केंद्रों का नेटवर्क
संवैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 234 निर्वाचन क्षेत्रों में से 44 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित रखी गई हैं।
मतदान को सुगम बनाने के लिए आयोग ने पूरे राज्य में 75,032 मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की सीमा 1,200 तय की गई है। आयोग ने शहरी क्षेत्रों, ऊंची इमारतों और घनी आबादी वाली बस्तियों में अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए हैं ताकि किसी भी मतदाता को लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
चुनाव कार्यक्रम और मतगणना
चुनाव आयोग के अनुसार, तमिलनाडु की चुनावी प्रक्रिया निम्नलिखित समय सीमा में पूरी होगी:
मतदान की तिथि: 23 अप्रैल 2026
मतगणना (रिजल्ट): 4 मई 2026
प्रक्रिया पूर्ण होने की तिथि: 6 मई 2026
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। अब सभी प्रमुख राजनीतिक दल, जिनमें द्रमुक (DMK), अन्नाद्रमुक (AIADMK) और अन्य क्षेत्रीय व राष्ट्रीय पार्टियाँ शामिल हैं, अपने घोषणापत्रों और उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में जुट गई हैं। तमिलनाडु का यह मुकाबला आने वाले वर्षों के लिए दक्षिण भारत की राजनीति की दिशा तय करेगा।

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