
भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने अनुशासन और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए अपने ही पूर्व विधायक पायलट रोहित रेड्डी के खिलाफ दंडात्मक रुख अपनाया है। हैदराबाद में आयोजित एक निजी बैठक के दौरान मादक पदार्थों (ड्रग्स) के सेवन के आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए पार्टी आलाकमान ने रोहित रेड्डी को औपचारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
मीडिया रिपोर्टों के बाद बीआरएस की कार्रवाई
पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में उल्लेख किया गया है कि विभिन्न मीडिया माध्यमों और विश्वसनीय सूत्रों से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि हैदराबाद क्षेत्र में रोहित रेड्डी द्वारा आयोजित एक बैठक में अवैध मादक पदार्थों का सेवन किया गया। बीआरएस नेतृत्व ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस खबर के व्यापक प्रसार से जनता के बीच पार्टी की छवि और विश्वसनीयता को गंभीर क्षति पहुँची है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि एक जिम्मेदार राजनीतिक संगठन होने के नाते वे किसी भी अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करते।
नैतिक मूल्यों और अनुशासन पर केसीआर का जोर
पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) के निर्देशों पर जारी इस नोटिस में यह साफ कर दिया गया है कि बीआरएस कानूनी मानदंडों और नैतिक मूल्यों के पालन में अटूट विश्वास रखती है। पत्र में लिखा गया है कि मादक पदार्थों के सेवन जैसे गंभीर आरोपों में पार्टी के एक सदस्य की संलिप्तता न केवल व्यक्तिगत आचरण पर सवाल उठाती है, बल्कि पूरे संगठन की साख को धूमिल करती है। पार्टी ने रोहित रेड्डी को निर्देश दिया है कि वे नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर इन आरोपों पर अपना विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।

जांच पूरी होने तक पार्टी कार्यक्रमों से दूरी
पार्टी अनुशासन मामलों के प्रभारी सोमा भरत कुमार ने रोहित रेड्डी को भविष्य के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब तक पार्टी नेतृत्व इस संवेदनशील मामले की पूरी जांच कर किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुँच जाता, तब तक रोहित रेड्डी पार्टी के किसी भी आधिकारिक समारोह या गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्हें पार्टी की आंतरिक गतिविधियों से दूर रहने की ‘नसीहत’ और निर्देश दोनों दिए गए हैं।
कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
बीआरएस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा (7 दिन) के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो पार्टी के संविधान और नियमावली के अनुसार रोहित रेड्डी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पार्टी ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया के लिए किसी अन्य पूर्व सूचना की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। यह कदम दर्शाता है कि आगामी चुनावों और सार्वजनिक धारणा को देखते हुए केसीआर किसी भी तरह के नकारात्मक प्रचार या विवादित चेहरों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
रोहित रेड्डी, जो पहले भी कई बार चर्चाओं में रहे हैं, अब इस नए विवाद के कारण राजनीतिक संकट में घिर गए हैं। अब सबकी नजरें उनके द्वारा दिए जाने वाले जवाब और पार्टी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

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