
तेलंगाना सरकार ने राजधानी हैदराबाद के बुनियादी ढांचे और रीयल एस्टेट क्षेत्र को नई गति देने के लिए भवन निर्माण नियमों में महत्वपूर्ण संशोधनों की घोषणा की है। नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास विभाग द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार, अब आउटर रिंग रोड (ORR) की सीमा तक बिल्डरों और भूखंड स्वामियों के लिए ‘ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स’ (TDR) के नियमों को काफी लचीला बना दिया गया है। सरकार का यह कदम शहर के विस्तार और आधुनिक निर्माण मापदंडों को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
TDR उपयोग और निर्माण मापदंडों का सरलीकरण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये संशोधन विभिन्न हितधारकों और रीयल एस्टेट विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों की गहन समीक्षा के बाद किए गए हैं। तेलंगाना बिल्डिंग नियम, 2012 में किए गए इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य टीडीआर के उपयोग को सुव्यवस्थित करना है। नए नियमों के तहत, निर्माण कार्यों में तकनीकी बाधाओं को कम किया गया है, जिससे विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी। अब बिल्डर अपनी निर्माण क्षमता को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे, जिससे ओआरआर तक के क्षेत्रों में आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं की बाढ़ आने की उम्मीद है।
हाई-राइज इमारतों के लिए नई गाइडलाइन्स
नई नियमावली के अनुसार, अब 21 मीटर से अधिक ऊँचाई वाली इमारतों को आधिकारिक तौर पर ‘हाई-राइज’ (उच्च-स्तरीय) श्रेणी में रखा गया है। मध्यम आकार के भूखंडों, जिनका क्षेत्रफल 750 से 2,000 वर्ग मीटर के बीच है, वहां 18 से 21 मीटर तक की ऊँचाई वाली इमारतें बनाने की अनुमति केवल टीडीआर के उपयोग के माध्यम से ही दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए पार्किंग मानकों और अग्नि सुरक्षा जैसे अन्य अनिवार्य नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

सेटबैक में छूट और अतिरिक्त मंजिलों का प्रावधान
सरकार ने निर्माण के दौरान छोड़ी जाने वाली खाली जगह (सेटबैक) के नियमों में भी राहत दी है। नॉन-हाई-राइज इमारतों को टीडीआर के माध्यम से सेटबैक में विशेष ढील मिलेगी। वहीं, हाई-राइज निर्माणों के मामले में टीडीआर के जरिए 10 प्रतिशत तक सेटबैक में छूट मिल सकती है, बशर्ते इमारत के चारों ओर कम से कम सात मीटर की खुली जगह सुनिश्चित की जाए। सबसे बड़ा बदलाव बड़े भूखंडों के लिए है; 2,000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर अब सड़क की चौड़ाई के आधार पर अतिरिक्त मंजिलें बनाई जा सकेंगी।
सड़क की चौड़ाई तय करेगी इमारतों की ऊँचाई
नए नियमों में सड़क की चौड़ाई और मंजिलों की संख्या के बीच सीधा संबंध स्थापित किया गया है। अब 40 फीट चौड़ी सड़क पर तीन अतिरिक्त मंजिलें, 60 फीट चौड़ी सड़क पर चार और 80 फीट चौड़ी सड़क पर पांच अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से न केवल शहरी घनत्व का सही प्रबंधन होगा, बल्कि हैदराबाद एक वैश्विक स्तर के महानगर के रूप में और अधिक मजबूती से उभरेगा।

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