
भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कंगना ने हाल ही में आरोप लगाया था कि संसद में राहुल गांधी के व्यवहार से महिलाएं असहज महसूस करती हैं। इस बयान पर अब पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंगना को नसीहत देते हुए कहा कि संसद को फिल्म स्टूडियो समझने की भूल न करें।
सुर्खियों में रहने का ‘शॉर्टकट’ है राहुल गांधी का नाम
राजा वारिंग ने कंगना रनौत पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सांसद के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह बार-बार राहुल गांधी पर कटाक्ष कर सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करती हैं। वारिंग के अनुसार, कंगना को लगता है कि राहुल गांधी का नाम लेकर वह मीडिया की हेडलाइंस में जगह बना सकती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी संसद में फिल्म बनाने नहीं आते हैं और यह कोई स्टूडियो नहीं है जहाँ आप अपनी पसंद की स्क्रिप्ट चला सकें।”
“बॉलीवुड में दुकान बंद, भाजपा में वजूद नहीं”
कांग्रेस सांसद ने कंगना के फिल्मी करियर और राजनीतिक स्थिति पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड में कंगना की ‘दुकान’ अब बंद हो चुकी है और भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी उन्हें कोई खास महत्व या ‘रिस्पॉन्स’ नहीं मिल रहा है। वारिंग ने कहा, “जब उन्हें लगने लगा कि भाजपा में उनका कोई वजूद नहीं बचा है, तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ बयानबाजी कर अपनी राजनीतिक दुकान चलाने का रास्ता चुना है।” उनके अनुसार, यह पूरी तरह से अपनी खोई हुई साख वापस पाने की एक नाकाम कोशिश है।
मानसिक संतुलन और इलाज की पेशकश
राजा वारिंग यहीं नहीं रुके, उन्होंने कंगना रनौत के हालिया बयानों पर गहरी आपत्ति जताते हुए उनके मानसिक संतुलन पर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह की टिप्पणियां कंगना बार-बार कर रही हैं, उससे लगता है कि उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है। वारिंग ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “अगर वह खुद अपना इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं, तो कांग्रेस पार्टी उनकी मदद करने और इलाज का खर्च उठाने को तैयार है।”
संसदीय मर्यादा और कांग्रेस की आपत्ति
गौरतलब है कि कंगना रनौत ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के व्यवहार को ‘अमर्यादित’ बताया था, जिसके बाद से ही कांग्रेस खेमे में भारी रोष है। राजा वारिंग के अलावा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी कंगना के बयानों को आधारहीन और ओछी राजनीति का हिस्सा करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि एक सांसद के रूप में कंगना को अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और सदन के भीतर व्यक्तिगत हमले करने से बचना चाहिए।
बढ़ती जा रही है जुबानी जंग
कंगना रनौत और कांग्रेस नेताओं के बीच यह जुबानी जंग अब एक नए स्तर पर पहुँच गई है। जहाँ कंगना लगातार राहुल गांधी को घेरने का प्रयास कर रही हैं, वहीं कांग्रेस उन्हें उनके फिल्मी अतीत और भाजपा में उनकी स्थिति की याद दिलाकर जवाब दे रही है। फिलहाल, राजा वारिंग के इस ‘इलाज वाले’ बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि भाजपा अपनी सांसद के बचाव में क्या कदम उठाती है।

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