
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वार्षिक विधि सम्मेलन में भाषण देते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को उन्हें कृषि कानूनों के विरोध पर धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि अरुण जेटली ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर वह इसी रास्ते पर चलते रहे, तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा–
“मैं जब कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तब अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर आप इस रास्ते पर चलते रहे तो कार्रवाई होगी। मैंने उनसे कहा – मुझे नहीं लगता कि आपको पता है आप किससे बात कर रहे हैं, क्योंकि हम कांग्रेस के लोग हैं, हम कायर नहीं हैं।”
रोहन जेटली का करारा जवाब–
राहुल गांधी के इस बयान पर अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और उनके बयान को पूरी तरह गलत व तथ्यहीन करार दिया।
रोहन जेटली ने कहा:—
“मेरे पिता का निधन अगस्त 2019 में हुआ था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे। ऐसे में राहुल गांधी का यह दावा तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत है। यह न केवल एक गंभीर चूक है, बल्कि दिवंगत व्यक्ति की गरिमा के भी खिलाफ है।”
उन्होंने कहा कि उनके पिता कभी किसी को धमकाने में विश्वास नहीं रखते थे, बल्कि वे एक लोकतांत्रिक सोच वाले नेता थे जो संवाद और समाधान में विश्वास करते थे।
‘संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से बोलें राहुल’ – रोहन जेटली
रोहन जेटली ने राहुल गांधी को यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बारे में भी पहले इसी तरह का राजनीतिक आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा:–
“राहुल गांधी को सार्वजनिक मंच से बोलते समय संयम बरतना चाहिए, खासकर उन लोगों के बारे में जो अब हमारे बीच नहीं हैं। पर्रिकर जी के अंतिम दिनों को लेकर भी उन्होंने राजनीति करने की कोशिश की थी, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील था।”
सोशल मीडिया पर भी दी प्रतिक्रिया
रोहन जेटली ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी राहुल गांधी के दावे को खारिज करते हुए लिखा:–
“मेरे पिता का निधन 2019 में हुआ था और कृषि कानून 2020 में लाए गए थे। उन्हें धमकाने की बात करना न केवल असत्य है, बल्कि अरुण जेटली की लोकतांत्रिक विचारधारा का अपमान है।”
उन्होंने राहुल गांधी से इस बेबुनियाद और असंवेदनशील बयान के लिए माफी मांगने की मांग की।

गांव से लेकर देश की राजनीतिक खबरों को हम अलग तरीके से पेश करते हैं। इसमें छोटी बड़ी जानकारी के साथ साथ नेतागिरि के कई स्तर कवर करने की कोशिश की जा रही है। प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक की राजनीतिक खबरें पेश करने की एक अलग तरह की कोशिश है।



