
स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित वैश्विक प्रौद्योगिकी के महाकुंभ ‘मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) 2026’ में भारत की धाक देखने को मिल रही है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस प्रतिष्ठित मंच पर ‘भारत पवेलियन’ का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि भारत अब केवल अपने उपभोग के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक समाधान के लिए तकनीक विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के लिए एक ‘भरोसेमंद डिजिटल ब्रिज’ का निर्माण कर रहा है।
वसुधैव कुटुंबकम और कनेक्टिविटी का संगम
मंत्री सिंधिया ने अपने संबोधन में भारत के प्राचीन दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सोच केवल सीमा के भीतर सिमटी नहीं है। कनेक्टिविटी का वास्तविक उद्देश्य मानवता को सशक्त बनाना, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूती देना और साझा वैश्विक समृद्धि को बढ़ावा देना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज जब दुनिया ‘आईक्यू युग’ (IQ Era) में भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा कर रही है, तब भारत बुद्धिमत्ता और बुनियादी ढांचे (Intelligence & Infrastructure) के अद्भुत संगम पर खड़ा है। यहाँ नवाचार और समावेशन एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व और टेलीकॉम क्रांति
सिंधिया ने भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने बताया कि भारत का टेलीकॉम परिवर्तन चार मुख्य स्तंभों पर टिका है: स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास (R&D), एक विश्वसनीय टेलीकॉम इकोसिस्टम, प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) के साथ गहरा एकीकरण। इसी का परिणाम है कि आज भारत 5G के बाद अब 6G और उभरती हुई तकनीकों में दुनिया का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।

भारत पवेलियन: स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन
इस वर्ष एमडब्ल्यूसी में भारत की उपस्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत है। भारत पवेलियन में 40 से अधिक भारतीय कंपनियां अपनी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन कर रही हैं। इनमें 4G, 5G, और भविष्य की 6G तकनीक के अलावा ओपन रैन (Open RAN), ऑप्टिकल और सैटेलाइट संचार, सेमीकंडक्टर डिजाइन और एआई-आधारित नेटवर्क इंटेलिजेंस शामिल हैं। यह भागीदारी दर्शाती है कि भारत की नवाचार क्षमता पर अब पूरी दुनिया भरोसा कर रही है।
स्वदेशी कंपनियों से संवाद और नवाचार की सराहना
उद्घाटन के बाद संचार मंत्री ने विभिन्न भारतीय कंपनियों के स्टॉल्स का दौरा किया। उन्होंने अनंत सिस्टम्स, एक्सएस इंफोसोल, सिग्नलचिप, आरवी सॉल्यूशंस, नियोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज, सेलकॉम, सी-डॉट और जीएक्स इंडिया जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा की। सिंधिया ने इन कंपनियों द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीकों की सराहना करते हुए कहा कि ये प्रयास भारत को न केवल आत्मनिर्भर बना रहे हैं, बल्कि हमें वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम पावरहाउस के रूप में भी स्थापित कर रहे हैं।
सुरक्षित नेटवर्क और वैश्विक निर्यात की प्रतिबद्धता
सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत पवेलियन में भारतीय नवोन्मेषकों की यह मजबूत उपस्थिति वैश्विक स्तर पर एक बड़ा संदेश है। भारत अब सुरक्षित नेटवर्क निर्माण और एआई-आधारित टेलीकॉम ढांचे के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भरोसेमंद इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत का लक्ष्य अब टेलीकॉम उपकरणों और सॉफ्टवेयर के वैश्विक निर्यात को कई गुना बढ़ाना है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल इंडिया अब वैश्विक डिजिटल क्रांति का मुख्य केंद्र बन चुका है।

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