
उत्तराखंड के चारधामों में शुमार बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में प्रवेश को लेकर हाल ही में लिए गए एक बड़े फैसले ने देश भर में चर्चा छेड़ दी है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने स्पष्ट किया है कि अब गैर-सनातनियों को मंदिर में प्रवेश के लिए अपनी आस्था का औपचारिक शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी बेबाक राय रखी है, साथ ही अभिनेत्री सारा अली खान का जिक्र करते हुए सनातन धर्म की महत्ता समझाई है।
मंदिर समिति का नया नियम और सारा अली खान का जिक्र
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने नई व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ किया कि केवल वही गैर-हिंदू मंदिर परिसर में कदम रख पाएंगे, जो सनातन धर्म में पूर्ण विश्वास का शपथ पत्र जमा करेंगे। द्विवेदी ने उदाहरण के तौर पर सारा अली खान का नाम लेते हुए कहा कि यदि वे केदारनाथ आती हैं और अपनी आस्था लिखित रूप में व्यक्त करती हैं, तो उन्हें दर्शन करने से कोई नहीं रोकेगा। बता दें कि सारा अली खान अक्सर केदारनाथ धाम जाती रहती हैं और अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ (2018) के बाद से ही इस स्थान से उनका गहरा जुड़ाव रहा है।
कंगना रनौत की सारा को सलाह: ‘शपथ पत्र देने में घबराहट क्यों?’
बुधवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना रनौत ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सारा अली खान को अपनी आस्था लिखित में देने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वे खुद सनातन धर्म में विश्वास रखती हैं। कंगना ने जोर देकर कहा, “हम सभी जन्म से ही सनातनी परंपराओं से जुड़े हुए हैं। ‘सनातन’ का अर्थ ही यही है, जिसका न कोई आदि है और न ही कोई अंत।” उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के अन्य धर्म कुछ सौ या हजार साल पुराने हो सकते हैं, लेकिन सनातन ही एकमात्र शाश्वत सत्य है।
सनातन धर्म की व्याख्या: अनादि और अनंत
कंगना रनौत ने सनातन धर्म की दार्शनिक व्याख्या करते हुए कहा कि जो सत्य है, वही सनातन है। उनके अनुसार, चूंकि यह परंपरा अनादि-अनंत है, इसलिए किसी भी श्रद्धालु को मंदिर की गरिमा और नियमों के पालन के लिए अपनी आस्था की घोषणा करने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह एक आवश्यक कदम है।
राहुल गांधी पर तीखा हमला: ‘अमर्यादित व्यवहार’
इसी बातचीत के दौरान कंगना ने केवल धार्मिक मुद्दों तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी तीखा प्रहार किया। कंगना ने संसद के भीतर राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका व्यवहार पूरी तरह से अमर्यादित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में “तू-तड़ाक” वाली भाषा का प्रयोग करते हैं, जो संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
कंगना ने आगे कहा कि यदि कोई इंटरव्यू दे रहा हो या सदन में चर्चा चल रही हो, तो राहुल गांधी द्वारा अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करना दूसरों को बेहद असहज (Uncomfortable) महसूस करवाता है। कंगना रनौत के इन बयानों ने एक तरफ जहां धार्मिक नियमों पर बहस छेड़ दी है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक पारा भी चढ़ा दिया है। अब देखना यह होगा कि मंदिर समिति का यह नया नियम धरातल पर कैसे लागू होता है और इस पर अन्य फिल्मी हस्तियों की क्या प्रतिक्रिया आती है।

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