
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल और पटाखा फैक्ट्री में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 श्रमिकों के जलकर मरने की पुष्टि हो चुकी है। जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त फैक्ट्री के भीतर लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी इकाई को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति ने व्यक्त किया शोक
इस दुखद घटना पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक हैंडल से संवेदना संदेश जारी करते हुए कहा कि भिवाड़ी की यह घटना अत्यंत दर्दनाक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कड़े निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावितों को हर संभव मदद मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने जताया दुख
राज्य की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी इस हादसे को हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि केमिकल और पटाखा फैक्ट्री में लगी आग की यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिजनों को यह कठिन समय सहने का धैर्य और साहस मिले। उन्होंने प्रशासन से घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
कैसे हुआ हादसा: चश्मदीदों और अधिकारियों की रिपोर्ट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 9:30 बजे खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर जी-1-118 बी में स्थित फैक्ट्री में लगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। केमिकल की मौजूदगी के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग बुझाने के साथ-साथ फैक्ट्री के भीतर फंसे अन्य संभावित लोगों की तलाश में जुटी हैं।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
भिवाड़ी का यह अग्निकांड एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवालिया निशान खड़ा करता है। केमिकल और पटाखा जैसी संवेदनशील फैक्ट्रियों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसकी जांच अब प्रशासन द्वारा की जा रही है। वर्तमान में प्राथमिकता घायलों को राहत पहुँचाने और मृतकों के शवों की पहचान कर परिजनों को सौंपने की है।

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