
देश आज आजादी का 79वां पर्व मना रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। लगातार 12वीं बार लाल किले से ध्वजारोहण करने वाले पीएम मोदी इस बार भी अपने खास पारंपरिक पहनावे के कारण चर्चा में रहे। उन्होंने केसरिया रंग का साफा पहनकर साहस, बलिदान और त्याग का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री के इस लुक में सफेद कुर्ता-पायजामा और नारंगी नेहरू-कट जैकेट शामिल थी। केसरिया साफा भारत की सांस्कृतिक धरोहर और गौरव का प्रतीक माना जाता है। इसका रंग शौर्य और बलिदान को दर्शाता है, जो स्वतंत्रता संग्राम की मूल भावना से गहराई से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी का यह पहनावा हालिया राष्ट्रीय घटनाओं, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद की सफल सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’, से भी एक भावनात्मक जुड़ाव रखता है।

हर साल रहता है चर्चा में पीएम मोदी का साफा
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के साफे का रंग और डिजाइन हमेशा चर्चा का विषय बनता है। 2024 में उन्होंने केसरी, हरे और पीले रंग की पगड़ी पहनी थी, जबकि 2023 में पीले और लाल रंग का साफा उनके लुक का हिस्सा रहा। इन रंगों का चयन न केवल फैशन का हिस्सा होता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, एकता और राष्ट्रीय भावनाओं का भी प्रतीक है।
भाषण में दिखा साहस और विकास का संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि “आज का भारत आत्मनिर्भर, सशक्त और विकास के पथ पर अग्रसर है।” उन्होंने युवाओं से लेकर किसानों, वैज्ञानिकों से लेकर सैनिकों तक, सभी के योगदान को नमन किया। पीएम ने जलवायु परिवर्तन से निपटने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया।

सोशल मीडिया पर दी शुभकामनाएं
सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने लिखा – “सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने और एक विकसित भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करे। जय हिंद!”
लाल किले की प्राचीर से तिरंगे का लहराना सिर्फ आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि यह देशवासियों के साहस, एकता और बलिदान की अनमोल गाथा का स्मरण भी है। पीएम मोदी का केसरिया साफा इस संदेश को और भी मजबूत करता है कि भारत अपने अतीत की प्रेरणा लेकर उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

गांव से लेकर देश की राजनीतिक खबरों को हम अलग तरीके से पेश करते हैं। इसमें छोटी बड़ी जानकारी के साथ साथ नेतागिरि के कई स्तर कवर करने की कोशिश की जा रही है। प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक की राजनीतिक खबरें पेश करने की एक अलग तरह की कोशिश है।



