
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 सितंबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में तीन दिवसीय ‘सेमीकॉन इंडिया – 2025’ सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी विकास का एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
‘सेमीकॉन इंडिया – 2025’ का मुख्य उद्देश्य भारत में एक मजबूत और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। यह सम्मेलन 2 से 4 सितंबर तक चलेगा, जिसमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र के दिग्गज, विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक मंच पर आकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर गहन चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी 3 सितंबर को सीईओ गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जहाँ वे वैश्विक और घरेलू उद्योगपतियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी, जिनमें सेमीकंडक्टर फैब्रिक्स, उन्नत पैकेजिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अनुसंधान एवं विकास, स्मार्ट विनिर्माण और निवेश के अवसर शामिल हैं।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें सेमीकंडक्टर इंडिया कार्यक्रम की प्रगति, बुनियादी ढांचे की तैयारी, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना, स्टार्टअप इकोसिस्टम, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। यह आयोजन भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के भविष्य के रोडमैप को अंतिम रूप देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ता कद
यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कद को भी दर्शाता है। इस आयोजन में 48 से अधिक देशों के 2,500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें 150 से अधिक स्पीकर और 50 से अधिक वैश्विक नेता भी शामिल हैं। कुल मिलाकर, 20,750 से अधिक प्रतिभागी इस महत्वपूर्ण आयोजन में हिस्सा लेंगे, जो इसकी व्यापकता को दर्शाता है। इसके अलावा, 6 देशों की गोलमेज चर्चाएं, देश-स्तरीय मंडप, और कार्यबल विकास व स्टार्टअप के लिए समर्पित मंडप भी होंगे, जो भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करेंगे।

‘सेमीकॉन इंडिया’ मंच प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को साकार करने का एक जरिया है, जिसमें भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। यह आयोजन भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी बल देगा, क्योंकि सेमीकंडक्टर किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
पिछली सफलताओं की अगली कड़ी
यह सम्मेलन पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले, 2022 में बेंगलुरु, 2023 में गांधीनगर और 2024 में ग्रेटर नोएडा में भी इसका सफल आयोजन हो चुका है। प्रत्येक संस्करण ने भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। यह आयोजन भारत के लिए वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत जगह बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है, जिससे देश की रणनीतिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से घरेलू और विदेशी निवेश में वृद्धि होगी, जिससे भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा।

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