
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और उनके द्वारा युवाओं के मन को आकार देने की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। यह दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने उन्हें भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम का संदेश: शिक्षकों का समर्पण अतुलनीय
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में लिखा, “सभी को, विशेष रूप से मेहनती शिक्षकों को, शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों का यह समर्पण ही “एक मजबूत और उज्ज्वल भविष्य की नींव” है। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों की प्रतिबद्धता और करुणा की भी सराहना करते हुए उन्हें “उल्लेखनीय” बताया।
यह दिन हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है, जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के साथ जुड़ा हुआ है। यह समाज में शिक्षकों के अतुलनीय योगदान को स्वीकार करने और उनका सम्मान करने का एक विशेष अवसर है। मोदी ने अपने पोस्ट में डॉ. राधाकृष्णन को भी याद किया और उनके जीवन तथा विचारों को श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने भी दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री के अलावा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे प्रमुख नेताओं ने भी शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के सपनों को साकार करने में मदद करने वाले सभी शिक्षकों को नमन किया। उन्होंने प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक द्वारा बनाई गई एक खूबसूरत रेत कला की तस्वीर साझा की, जिसमें शिक्षकों को समर्पित एक कलाकृति दिखाई गई थी। प्रधान ने लिखा, “सुदर्शन द्वारा शिक्षकों को एक शानदार श्रद्धांजलि।” उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों की मेहनत और समर्पण से ही जीवन रोशन होता है और राष्ट्र का विकास होता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिक्षकों को “मार्गदर्शक प्रकाश” बताया जो युवा मनों को सही दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही मूल्यों को स्थापित करते हैं और भविष्य के नेताओं को तैयार करते हैं। उन्होंने भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी दूरदर्शिता और ज्ञान के लिए श्रद्धांजलि दी, जो पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी डॉ. राधाकृष्णन को याद किया और ‘शिक्षक दिवस’ की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि डॉ. राधाकृष्णन का भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन को वैश्विक स्तर पर ले जाने और ‘आधुनिक भारत-शिक्षित भारत’ के निर्माण में योगदान अतुलनीय है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार: सम्मान का प्रतीक
शिक्षक दिवस के मौके पर हर साल राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन चुनिंदा शिक्षकों को दिया जाता है जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है और अपने छात्रों के जीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पुरस्कार उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता को मान्यता देता है।
इससे ठीक एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षकों के साथ बातचीत भी की थी। इस दौरान उन्होंने भारतीय समाज में शिक्षकों के प्रति स्वाभाविक सम्मान की भावना की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की एक “शक्तिशाली शक्ति” बताया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों का सम्मान करना सिर्फ एक रस्म नहीं है, बल्कि यह उनके आजीवन समर्पण और समाज पर उनके गहरे प्रभाव को स्वीकार करना है। यह दिखाता है कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों के चरित्र और भविष्य को भी गढ़ते हैं।

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