
राजस्थान स्टेट इलेक्शन कमीशन (SEC) ने प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। इस बार आयोग ने मतदान की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए एक मिश्रित (मिक्स्ड) वोटिंग सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है। चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
ईवीएम और बैलेट पेपर का दोहरा उपयोग
कमिश्नर राजेश्वर सिंह के अनुसार, जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग किया जाएगा। वहीं, जमीनी स्तर पर ग्राम पंचायत के सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए पारंपरिक बैलेट पेपर (मतपत्र) और बैलेट बॉक्स (मतपेटी) के जरिए मतदान कराया जाएगा। आयोग का मानना है कि यह मिश्रित व्यवस्था चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।
पंचायती राज नियम 1994 के तहत लिया गया फैसला
चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि मतदान का यह तरीका ‘राजस्थान पंचायती राज (इलेक्शन) रूल्स, 1994’ के नियम 35 के अनुरूप है। इस नियम के अंतर्गत स्टेट इलेक्शन कमीशन को यह कानूनी अधिकार प्राप्त है कि वह परिस्थितियों और प्रशासनिक सुगमता के आधार पर मतदान का माध्यम (ईवीएम या बैलेट पेपर) तय कर सके। आयोग का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराना है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश और प्रशिक्षण
चुनाव की घोषणा के साथ ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और मतदान कर्मियों को समयबद्ध तरीके से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान उपकरणों की जांच और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को आसान बनाया जा रहा है। साथ ही, चुनाव कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि वे ईवीएम और बैलेट पेपर, दोनों प्रणालियों का कुशलतापूर्वक संचालन कर सकें।
मतदाता जागरूकता पर विशेष जोर
राज्य निर्वाचन आयोग ने दूर-दराज के और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आयोग का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक मतदान की जानकारी पहुंचे और वे इस लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें। जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व के चुनाव के लिए मतदाताओं की भागीदारी को सबसे अहम माना जा रहा है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता की प्रतिबद्धता
आयोग ने चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मतदान का कार्यक्रम, आदर्श आचार संहिता की विस्तृत जानकारी और मतदाताओं के लिए अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़ी अपडेट जल्द ही आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी। यह चुनाव राजस्थान की ग्रामीण व्यवस्था और विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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