
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत बुधवार से गुजरात के दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रवास पर रहेंगे। अपने इस दौरे के दौरान वे राज्य के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे और कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में हिस्सा लेंगे। संघ प्रमुख की इस यात्रा को आध्यात्मिक और संगठनात्मक दोनों ही दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।
अहमदाबाद में संगठन कार्यालय का दौरा
तय कार्यक्रम के अनुसार, मोहन भागवत बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे अहमदाबाद स्थित आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय पहुंचेंगे। यहाँ वे स्थानीय पदाधिकारियों के साथ संक्षिप्त चर्चा कर सकते हैं। संघ प्रमुख का यह प्रवास ऐसे समय में हो रहा है जब संगठन अपने शताब्दी वर्ष की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। प्रांतीय कार्यालय में वे राज्य की वर्तमान परिस्थितियों और संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा कर सकते हैं।

वडतालधाम में संतों से भेंट और पूजा-अर्चना
बुधवार शाम को संघ प्रमुख खेड़ा जिले के सुप्रसिद्ध ‘वडतालधाम’ पहुंचेंगे। शाम 4:45 बजे से 6:15 बजे के बीच वे श्री स्वामीनारायण मंदिर में दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। वडतालधाम स्वामीनारायण संप्रदाय का एक प्रमुख केंद्र है। यहाँ वे मंदिर के वरिष्ठ संतों और आध्यात्मिक गुरुओं से भेंट कर विभिन्न समसामयिक और धार्मिक विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस मुलाकात को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार के रूप में देखा जा रहा है।
जेतलपुरधाम में द्विशताब्दी पाटोत्सव की धूम
दौरे के दूसरे दिन यानी गुरुवार सुबह, मोहन भागवत अहमदाबाद के जेतलपुरधाम स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर पहुंचेंगे। यहाँ वे ‘श्री रेवती बलदेवजी हरिकृष्ण महाराज द्विशताब्दी पाटोत्सव’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 11:45 बजे तक चलेगा। द्विशताब्दी समारोह के अवसर पर वे मंदिर से जुड़े धार्मिक समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और भक्तों को संबोधित भी कर सकते हैं।

गुजरात से संघ प्रमुख का विशेष लगाव
मोहन भागवत पिछले कुछ वर्षों में संगठनात्मक समीक्षा और धार्मिक आयोजनों के सिलसिले में लगातार गुजरात का दौरा करते रहे हैं। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी वे तीन दिवसीय गुजरात प्रवास पर थे, जहाँ उन्होंने संगठन के शताब्दी वर्ष की तैयारियों के बीच विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। वहीं, जनवरी 2025 में उन्होंने धर्मपुर स्थित श्रीमद राजचंद्र आश्रम का दौरा कर आध्यात्मिक गुरुओं से संवाद किया था। उनके पिछले दौरों में अहमदाबाद और सूरत जैसे प्रमुख शहरों में स्वयंसेवकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें शामिल रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, संघ प्रमुख की यह यात्रा उनके नियमित देशव्यापी प्रवास का हिस्सा है। वे समय-समय पर विभिन्न राज्यों में जाकर न केवल स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मजबूती देने वाले आयोजनों में भी भाग लेते हैं। गुरुवार शाम करीब 4 बजे वे अहमदाबाद से प्रस्थान करेंगे, जिसके साथ ही उनका यह संक्षिप्त लेकिन प्रभावी दौरा संपन्न हो जाएगा।
इस यात्रा के माध्यम से संघ अपनी ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की अवधारणा को और अधिक विस्तार देने की कोशिश कर रहा है, जिसमें धार्मिक संस्थाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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