
टी-20 विश्व कप 2026 में 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर देश भर में उत्साह है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को खेल की भावना से परे महज एक “व्यापारिक सौदा” (Business Deal) करार दिया है। नई दिल्ली में मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील तक के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
क्रिकेट मैच या ढाई लाख का व्यापारिक सौदा?
सांसद वीरेंद्र सिंह ने भारत-पाकिस्तान मैच की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अब खेल नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों देश हानि और लाभ के आधार पर इस खेल को नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सुनने में आया है कि इस मैच के टिकट ढाई-ढाई लाख रुपए में बिक रहे हैं। जब खेल इतना महंगा और लाभ केंद्रित हो जाए, तो जनता का विश्वास टूटना लाजमी है। यह मैच नहीं, बल्कि एक सुनियोजित बिजनेस डील है।”

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पारदर्शिता की मांग
सांसद ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने मांग की कि सरकार को आयात-निर्यात की पूरी सूची पब्लिक डोमेन में जारी करनी चाहिए। वीरेंद्र सिंह ने कहा, “सरकार स्पष्ट करे कि किन-किन कृषि उपजों पर जीरो टैरिफ में आयात की अनुमति दी गई है और किन चीजों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। सरकार खुद असमंजस में है और मंत्रियों के बयानों में विरोधाभास है। स्थिति स्पष्ट किए बिना बयानबाजी करना जनता को गुमराह करना है।”
सनातन और शंकराचार्य विवाद पर कड़ा रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शंकराचार्य से जुड़े हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद ने कहा कि भाजपा केवल सनातन की दुहाई देती है, लेकिन असल में वह इसे नियंत्रित करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया, “राज्य में गंगा उल्टी बह रही है। अब सरकार तय करेगी कि कौन शंकराचार्य रहेगा और कौन नहीं? सनातन धर्म पर कंट्रोल करने की यह मंशा भाजपा को महंगी पड़ेगी। सनातनी अपनी ताकत को पहचानते हैं और यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में वे इसका जवाब देंगे।”

‘सेवा तीर्थ’ शब्द के उपयोग पर आपत्ति
प्रधानमंत्री के संदर्भ में इस्तेमाल होने वाले ‘सेवा तीर्थ’ शब्द पर कटाक्ष करते हुए सांसद ने इसे शब्द का उपहास बताया। उन्होंने कहा, “तीर्थ वह स्थान होता है जहां आम लोग बिना किसी बाधा के पहुंच सकें और पुण्य प्राप्त करें। लेकिन यहां तो जनप्रतिनिधियों को भी बिना इजाजत मिलने की अनुमति नहीं है। अगर यह तीर्थ है, तो पीएम इसके दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दें।”
गौरतलब है कि भारतीय टीम कोलंबो पहुंच चुकी है और 15 फरवरी को यह बड़ा मुकाबला होना है, लेकिन वीरेंद्र सिंह के बयानों ने इस खेल आयोजन के इर्द-गिर्द एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

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