
बिहार में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को पटना के पिपरा थाना क्षेत्र में भाजपा नेता सुरेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना के बाद तेजस्वी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
“एनडीए सरकार में कोई सुनने वाला नहीं है”
तेजस्वी यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“अब पटना में भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या। क्या कहें, किससे कहें? एनडीए सरकार में कोई सच्चाई सुनने वाला नहीं, गलती स्वीकारने वाला नहीं? सीएम के स्वास्थ्य का सबको पता है लेकिन भाजपा के दो-दो नकारे उपमुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं?”
उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर हमला करते हुए कहा कि यह सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल है और अब भाजपा के अपने नेता भी अपराधियों के निशाने पर हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की “भ्रष्ट भूंजा-डीके पार्टी” (इशारा जदयू और भाजपा की ओर) तक इस घटना पर चुप है।
घटना का विवरण
शनिवार को पटना जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव में भाजपा नेता सुरेंद्र कुमार केवट (50 वर्ष) की हत्या कर दी गई। बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मारी और फरार हो गए। सुरेंद्र एक ग्रामीण पशु चिकित्सक भी थे और साथ ही स्थानीय स्तर पर पुनपुन प्रखंड भाजपा नेता के रूप में सक्रिय थे। पुलिस के अनुसार, परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
इंसानी जान की कीमत कीड़े-मकोड़े से भी कम
यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी यादव ने कानून व्यवस्था पर इस तरह का हमला बोला हो। हाल ही में उन्होंने राज्य में हो रही हत्या की घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा साझा करते हुए लिखा था:
“इतने मर्डर हो रहे हैं कि कोई गिन भी नहीं सकता। बिहार में इंसानों का जीवन कीड़े मकोड़े से भी सस्ता हो गया है।”
उन्होंने आगे लिखा कि सीतामढ़ी, पटना, नालंदा, गया, खगड़िया जैसे जिलों में लगातार हत्याएं हो रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई सख्त कार्रवाई या जवाबदेही सामने नहीं आ रही। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि एनडीए नेता और अधिकारी अपराधियों को जाति के आधार पर पहचानने में ज्यादा व्यस्त हैं, बजाय उन्हें पकड़ने के।

सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ता हुआ
तेजस्वी यादव के इन बयानों से साफ है कि बिहार की कानून व्यवस्था 2025 की मानसून सत्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनने जा रही है। भाजपा के अपने कार्यकर्ता की हत्या ने एनडीए सरकार की साख पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। अब विपक्ष इस मुद्दे को विधानमंडल में जोरशोर से उठाने की तैयारी कर रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि ऐसे मामलों में जांच की गति और निष्पक्षता अक्सर संदिग्ध रहती है। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि केवल केस दर्ज करने से कुछ नहीं होगा, जब तक अपराधियों को सजा नहीं मिलती।
बिहार की कानून व्यवस्था पर छिड़ी यह राजनीतिक जंग अब और तेज़ होती दिख रही है। भाजपा नेता की हत्या ने सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में तेजस्वी यादव सहित पूरा विपक्ष इस मुद्दे को जनता के बीच और विधानसभा के भीतर प्रमुखता से उठाएगा, जिससे राज्य की राजनीति में नया उबाल आ सकता है।

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