
आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली में अपने सांसदों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। यह कार्यशाला रविवार को संसद परिसर में शुरू हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य सांसदों को मतदान प्रक्रिया का सही तरीका सिखाना है, ताकि किसी भी सांसद का वोट अमान्य न हो।
पीएम मोदी का सम्मान और जीएसटी सुधार
कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान के साथ हुई। पार्टी ने प्रधानमंत्री को जीएसटी 2.0 में किए गए सुधारों के लिए सम्मानित किया। यह कदम जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों को दर्शाता है, जिसे भाजपा सरकार की एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इस सम्मान के बाद, सांसदों के लिए प्रशिक्षण सत्र शुरू हुए।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विशेष प्रशिक्षण
इस कार्यशाला का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सांसदों को दी जाने वाली विशेष ट्रेनिंग है। यह चुनाव 9 सितंबर को होगा, और भाजपा का लक्ष्य अपने उम्मीदवार के लिए 100% मतदान सुनिश्चित करना है।
सांसदों को चार अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह सिखाया जाएगा कि:
बैलट पेपर पर सही निशान कैसे लगाएं।
चुनाव अधिकारी द्वारा दिए गए विशेष पेन का सही उपयोग कैसे करें।
बैलट पेपर को सही तरीके से मोड़कर मतपेटी में कैसे डालें, ताकि उनका वोट अमान्य न हो।
यह प्रशिक्षण उन सांसदों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जो पहली बार चुनकर आए हैं, क्योंकि उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है और एक छोटी सी गलती भी वोट को अमान्य कर सकती है।

पार्टी का इतिहास और कार्यकुशलता पर जोर
प्रशिक्षण सत्रों में केवल मतदान प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पार्टी के इतिहास और विकास पर भी चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही, सांसदों की कार्यकुशलता और संसदीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी ध्यान दिया जाएगा। यह कार्यशाला भाजपा के संगठनात्मक अनुशासन और सदस्यों के सतत विकास पर जोर देने की नीति को दर्शाती है।
उम्मीदवार और चुनावी समीकरण
इस चुनाव में एनडीए गठबंधन ने सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी मैदान में हैं। हालांकि, लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए के बहुमत को देखते हुए, सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। फिर भी, यह चुनाव निर्विरोध नहीं होगा, जैसा कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मामले में हुआ था।
भाजपा की यह कार्यशाला दर्शाती है कि पार्टी अपने हर कदम को गंभीरता से लेती है, खासकर जब बात चुनाव की हो, भले ही परिणाम पहले से ही स्पष्ट क्यों न हो। यह सांसदों को जिम्मेदार और जागरूक बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

गांव से लेकर देश की राजनीतिक खबरों को हम अलग तरीके से पेश करते हैं। इसमें छोटी बड़ी जानकारी के साथ साथ नेतागिरि के कई स्तर कवर करने की कोशिश की जा रही है। प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक की राजनीतिक खबरें पेश करने की एक अलग तरह की कोशिश है।



